ए.एच.एम. डफरिन में हुआ हेल्दी बेबी शो

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कानपुर । नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के अन्तर्गत ब्रहस्पतिवार को ए.एच.एम. डफरिन हॉस्पिटल में हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया गया । शो में पैदा हुए बच्चों का विभिन्न बिन्दुओं पर स्वास्थ्य आंकलन कर विजेता धोषित किया गया । प्रथम स्थान ग्वालटोली की रहने वाली सबीना की बेटी को मिला।

नवजात शिशु देखभाल सप्ताह (15 से 21 नवम्बर ) के अन्तर्गत नवजात शिशु के उत्तम स्वास्थ्य पर जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं । इसी क्रम में जिला महिला चिकित्सालय (डफरिन) में हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया गया । ब्रहस्पतिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में अस्पताल में पैदा हुई नवजात बच्चियों (लड़की) का विभिन्न स्वास्थ्य बिंन्दुओं पर आंकलन किया गया । इसमें मुख्य रूप से पैदा हुई बच्चियों का वज़न, माँ का नियमित और कोविड टीकाकरण, पहले पैदा हुए बच्चों की संख्या और नियमित जाँच के आधार पर आंकलन किया गया । शो में प्रथम स्थान ग्वालटोली की रहने वाली सबीना और मोहम्मद चाँद की बेटी को मिला जिसका वज़न 3.7 किलो था ।समां की बेटी को दूसरा स्थान(वज़न 3.4 किलो), आरती और रहनुमा को तीसरा स्थान (वज़न 2.8 किलो) मिला । बेबी शो में प्रतिभाग करने वाली सभी माताओं को उपहार भी भेंट किये गए ।

एस.एन.सी.यू. (सिक न्यूबार्न केयर यूनिट) के बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गर्भवती व धात्री माताओं को नवजात की देखभाल पर विशेष जानकारी दी और खतरे के लक्षणों की पहचान करना बताया । डॉ. शिव ने पैदा हुए बच्चों की जांच भी की और माताओं को उचित परामर्श भी दिया । कार्यक्रम में डॉ. अरविन्द यादव, हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. दरक्षा, सिस्टर इंचार्ज रम्भा पाण्डेय, मात्रिका अनीता जॉन और अन्य स्टाफ के साथ गर्भवती, धात्री और परिवार के सदस्य मौजूद रहें ।

डॉ. शिव कुमार ने बताया कि नवजात को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है । नवजात को खास तौर पर ठण्ड से बचा कर रखना चाहिए ताकि उसे निमोनिया न हो सके । नवजात को कपड़े में लपेट कर ही रखना चाहिए । छः माह तक बच्चे को सिर्फ और सिर्फ माँ का दूध ही देना चाहिए, ऊपर से कुछ भी न खिलाएं-पिलायें । माँ के दूध में आवश्यक तत्वों के साथ ही बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी होती है जो बच्चे को रोग से तो बचाती ही है, साथ ही बच्चे में रोगों से लड़ने की क्षमता भी विकसित करती है । छः माह के बाद बच्चे को माँ के दूध के साथ उपरी आहार देना शुरू करना चाहिए । कोई भी खतरे का लक्षण दिखने पर बच्चे को तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए ।

नवजात में खतरे के लक्षण –
दूध न पी पाना या बार-बार उलटी कर देना
नाल का लाल होना या खून बहना
बदन, खास तौर पर सर,पेट और पैर का तलवा ठण्डा होना
शरीर या आँख का पीला लगना
हाथ पैर ढीले या लुंज-पुंज होना
शरीर का अकड़ना या झटके आना
दस्त होना

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