रैपिड रिस्पांस टींम में ए.एन.एम. संभाल रहीं सेक्टर इंचार्ज की कमान

0
20
प्रयागराज : कोविड-19 का संक्रमण लगातार बढ़ रहा हैI जनपद में बहुत से प्रवासी कामगार संक्रमण के कारण हुए लॉक डाउन के बाद कारण अन्य प्रदेशों से वापस भी आये हैंI ऐसे में रैपिड रिस्पांस टीम (आर.आर.टी.) पर पॉजिटिव लोगों की पहचान करना और उपचाराधीन का ध्यान रखने की जिम्मेंदारी दी गई हैI
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभाकर राय के निर्देशा पर रैपिड रिस्पांस टीम के अन्तर्गत कोविड-19 मरीजों की पहचान करने और उपचाराधीन की देखभाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैंI इसके अन्तर्गत लक्षित क्षेत्रों को तीन भाग में बांटा गया है ताकि पूरे क्षेत्र में सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंI रैपिड रिस्पांस टीम के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एन. सिंह ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बाँटा गया हैI सुपर जोन सी.एच.सी. के अन्तर्गत, जोन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत एवं पूरे ब्लॉक को ए.एन.एम. की संख्यानुसार सेक्टर्स में बाँटा गया हैI प्रत्येक सेक्टर का इंचार्ज वहाँ की सम्बंधित ए.एन.एम. को बनाया गया हैI डॉ. बी. एन. सिंह ने बताया कि सभी ए.एन.एम. निर्देशानुसार अपने – अपने क्षेत्र में कोविड-19 धनात्मक मरीजों का चिन्हीकरण कर रही हैंI इसके साथ ही वह कोविड-19 धनात्मक मरीजों के घर का हर दिन भ्रमण करके उनके स्वास्थ्य के बारे में हाल-चाल जान रही हैं और उन्हें होम आइसोलेशन के बारे में पूरी जानकारी दे रही हैंI आवश्यकतानुसार दवाएं भी उपलब्ध करवा रही हैंI ए.एन.एम मरीज़ को अपना, सी.एच.सी. अधीक्षक और कंट्रोल रूम का नंबर देती हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीज़ या उसके घरवाले संपर्क कर सकेंI यदि कहीं भी कोई समस्या होती है तो वह तुरंत अपने नामित अधिकारियों को सूचित करती हैंI इस पूरे कार्य के लिए सभी ए.एन.एम को पहले ही ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग दी गई है और सी.एच.सी. से आवश्यक दवाएं उपलब्ध करवाई गई हैंI यह पूरी प्रक्रिया कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए की जा रही हैI उन्होंने बताया कि जो प्रवासी वापस आ रहे हैं उनकी जाँच रेलवे स्टेशन पर ही हो जाती है, फिर भी जो लोग अन्य साधन से गाँव पहुँच जा रहे हैं उनकी जानकारी मिलते ही ए.एन.एम उन व्यक्तियों से संपर्क कर उन्हें जाँच के लिए प्रोत्साहित कर रही हैंIडॉ. सिंह ने बताया कि वर्तमान में लगभग 120 के आसपास मरीज़ होम आइसोलेशन में हैंI अबतक लगभग 38000 हजार लोगों का आइसोलेशन पूरा हो चुका हैI

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here