1 अप्रैल से बेकार होने जा रहे चेक को कहीं फेंक ना दें वरना जाना पड़ सकता है जेल

0
133

लखनऊ सरकार द्वारा कई बैंकों को आपस में विलय करने का काम काफी समय से किया जा रहा है ऐसे में एक अप्रैल 2021 से विलय हो चुके कई पुराने बैंकों की चेक बुक बेकार हो जाएगी परंतु गलती से यह चेक किसी के हाथ लग गई तो आप को जेल पहुंचा सकते हैं जानिए पूरी जानकारी

सरकार ने देश के कई बैंकों को आपस में विलय करके एक बना दिया है कुछ की प्रक्रिया जारी है कुछ पूर्ण हो चुकी है
ऐसे में विलय के बाद जो बैंक अस्तित्व से बाहर होंगे उनके चेक बुक 1 अप्रैल 2021 से काम नहीं आएंगे
हो सकता है आपके बैंक द्वारा भी आपको इस संबंध में सूचनाएं प्राप्त हो रही होंगी कि आपका पुराना चेक बुक बेकार हो गया है आप इसको नए चेक बुक से परिवर्तित कर लीजिए

चेक बुक बदलना एक प्रक्रिया है परंतु चेक बुक बदलते समय यदि आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो यह लेने के देने पड़ने वाला मामला बन सकता है जो आप को जेल पहुंचाने के साथ आप की धनराशि का भारी भरकम नुकसान भी करा सकता है कुछ सावधानियां अपनाकर आप भी काफी हद तक ऐसे मामलों से सुरक्षित रह सकते हैं

क्या करना चाहिए
# बैंक में चेक बुक बदलने के लिए वापस करने वाले चेक बुक के चेक नंबर एक प्रार्थना पत्र पर लिखकर बैंक को रिसीविंग कराएं जिससे यह स्पष्ट हो जाए कि आपने कौन-कौन सी और कितने नंबर की चेक बुक बैंक वापस की हैं

# वापस करने के पहले चेक को पेन से अच्छी तरह से काट देना चाहिए ताकि कोई और उसका मिस यूज ना कर पाए पेन डॉट हो तो और भी अच्छा है

# अगर आपके बैंक को ऐतराज ना हो तो चेक थोड़ा सा फाड़ देना चाहिए जिससे चेक के नंबर ना फटे क्योंकि फटी हुई चेक आम तौर पर स्वीकार नहीं की जाती है यह भी मिस यूज से बचाने का एक तरीका हो सकता है

# बेकार हो चुकी चेक कहीं भी कूड़े में या इधर-उधर न फेंके गलती से यदि किसी के हाथ लग जाए तो उसका मिस यूजआपके लिए खतरनाक हो सकता है

# चेक से जुड़ी हुई और सावधानियों के लिए विस्तृत जानकारी आप अपने बैंक से प्राप्त कर सकते हैं जिससे आपको चेक बुक से जुड़ी हुई कानूनी प्रक्रियाओं का सामना ना करना पड़े
चेक बाउंस होने पर होती है 138 एन आई एक्ट की कार्रवाई
यदि आपके द्वारा दिया गया कोई चेक किसी भी कारण से बाउंस हो जाता है अर्थात पेमेंट क्लियर नहीं होता है तो आपको लीगल नोटिस प्राप्त हो सकता है जिसके बाद 138 एन आई एक्ट की कार्रवाई के अंतर्गत कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं और जमानत तक करानी पड़ सकती है

कोर्ट में सिद्ध करना पड़ता है कि यह चेक आपने नहीं दी
चेक के मामलों में आपका चेक किसी के पास कैसे पहुंचा यह चेक धारक को ही सिद्ध करना पड़ सकता है ऐसे में कई कानूनी मुश्किलें सामने आ सकती हैं

सबसे बड़ा बचाव सावधानी
अक्सर कहा जाता है कि सावधानी ही बचाव है तो आप भी चेक के मामले में पूरी तरह सावधानी रखिए किसी को भी यूं ही चेक ना दें अपने चेक बहुत ही संभाल कर रखें कभी भी कूड़ा समझकर यहां वहां ना फैके
अगर फेकना ही चाहते हैं तो हमेशा छोटे-छोटे खंडों में फाड़ कर ही फेके
इससे आप काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here