नाइट ब्लड सर्वे का औचक निरीक्षण किया गया

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प्रयागराज: फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आई.डी.ए कार्यक्रम के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए स्वास्थ विभाग की टीम ने चिन्हित साइट्स पर 4 मार्च से सर्वे अभियान शुरू किया थाI नाइट ब्लड सर्वे का आज आखिरी दिन है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग ने सभी साइट्स से 500 ब्लड सैंपल का लक्ष्य रखा थाI कल तक हुए नाईट ब्लड सर्वे में सभी साइट से 500 से अधिक ब्लड सैंपल लिए गएI


सी.एम.ओ. डॉ. प्रभाकर राय व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एन. सिंह के निर्देशन में संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अपर निदेशक वाई.के. पाठक व जिला मलेरिया अधिकारी के.पी. द्विवेदी समेत संबन्धित ब्लॉक के अधीक्षकों ने गाँव-गाँव जाकर नाइट ब्लड सर्वे का औचक निरीक्षण किया। अधिकारीयों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटवा के ग्राम गोताण व सैदाबाद के ग्राम खेरुआ में एंटीलार्वा के छिड़काव व आशा एवं एएनएम के माध्यम से दस्तक अभियान के लिए डोर-टू-डोर कार्य की जमीनी हकीकत को जाना व टीम में लगे स्वास्थ कर्मियों से उनके अनुभव एवं कार्य प्रणाली पर जानकारी ली।

जिला मलेरिया अधिकारी के.पी. द्विवेदी ने बताया कि स्वास्थ टीम अपने प्रयास से लक्ष्य के बेहद करीब है। मुख्य चिकित्साधिकारी के दिशा निर्देशन में सभी गइडलाइन का सख्ती से पालन हो रहा है। इससे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में नाइट ब्लड सर्वे को सफल बनाया जा सकेगा। इसके तहत फाइलेरिया की जांच के लिए 4 सेंटीनल व 4 रैन्डम साइट्स चिन्हित की गई थी। चिन्हित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम रात 8 से 12 बजे के बीच प्रत्येक साइट से व्यक्तियों के ब्लड का सैंपल लेकर रक्त पट्टिका तैयार कर रही है। सर्वे के दौरान एकत्र रक्त पट्टिकाओं की स्टेनिंग एवं उसके परीक्षण कार्य में उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य मुख्यालय से आए दो वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सागर गोडेकर व डॉ. शिवाकान्त अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

फाइलेरिया के प्रचार-प्रसार के लिए विभागीय टीम आम-जनमानस को फाइलेरिया बीमारी, कारक तथा प्रभाव, परजीवी का जीवन चक्र आदि व उसके उन्मूलन कार्यक्रम के उद्देश्य व प्रभाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान जनपद में छः ग्रामीण क्षेत्रों की साइट एवं नगर क्षेत्र की दो साइट पर नाइट ब्लड सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। इस सर्वे में 500 स्लाइड का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, आशा व स्वास्थ कर्मियों के माध्यम से दवा खिलाने का कार्य किया जा रहा है। जो व्यक्ति दवा के सेवन से वंचित रह जाएगा, वह अपने पास के उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल व मलेरिया कार्यालय से दवा प्राप्त कर सेवन कर सकता हैं।

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