हाथ पर बन गया कान तो डॉक्टरों ने उखाड़ कर सही जगह पर लगा दिया

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लखनऊ| जानकर बड़ा आश्चर्य हो रहा होगा कि ऐसा चमत्कार कैसे हो गया लेकिन यह बिल्कुल सच है| एक लड़की के हाथ पर कान बन गया और जब डॉक्टरों द्वारा चेक करने पर यह असली कान की तरह और उसी तरह काम करता हुआ पाया गया तो उसे निकाल कर अपनी सही जगह लगा दिया गया|

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यह चमत्कार कर दिखाया है लखनऊ के डॉक्टर बृजेश मिश्रा और उनकी टीम ने जिन्होंने गोंडा जिले की रहने वाली 13 वर्षीय बालिका के हाथ पर बने हुए कान को निकाल कर उसे चेहरे पर सही जगह लगा दिया|
मामला जनपद गोंडा से जुड़ा हुआ है जहां बालिका अगस्त 2018 में थ्रेशर मशीन की चपेट में आ गई थी जिससे उसके एक तरफ के बाल और कान उखड़ कर शरीर से अलग हो गया था| यह चोट इतनी गहरी थी कि आमतौर पर कान बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाली जगह और खाल एवं मांसपेशियां भी गायब हो गई थी| परिवार वाले और बालिका बिल्कुल निराश हो गए थे कि अब कभी कान वापस नहीं आएगा| लेकिन तभी एक चमत्कार हुआ लखनऊ के प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर बृजेश मिश्रा ने फ्री लैमिनेटेड फ्री फ्लै पा सर्जरी का सहारा लिया| इस सर्जरी में पसलियों के हिस्से से कान का आकार बनाकर उसे हाथ के एक हिस्से में लगा दिया गया और उस हिस्से की भरपाई के लिए टिशू एक्सपेंशन तकनीक का सहारा ले लिया गया| 3 माह बाद बाह के उस हिस्से को निकाल कर माइक्रो सर्जरी की मदद से बने हुए कान को अपनी सही जगह पर लगा दिया गया| यह सर्जरी मई जून 2020 के दौरान की गई| इस कान की बनावट के लिए थोड़े और सुधारों की आवश्यकता थी| जिसके लिए बालिका को दोबारा भर्ती किया गया| pre-laminated free flap surgery एक जटिल विधा है जो शरीर के उन अंगों के पुनः निर्माण के लिए प्रयुक्त किया जाता है जहां पर पुनर्निर्माण के लिए कोई लोकल टिशु मौजूद नहीं है| इस प्रकार की सर्जरी के लिए प्लानिंग और एग्जीक्यूशन दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण है| डॉक्टर बृजेश मिश्रा बताते हैं कि केजीएमसी लखनऊ में प्रीलेमिनेटेड फ्री प्लान सर्जरी का यह पहला केस है|
प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉक्टर बृजेश मिश्रा के साथ इस ऑपरेशन को सफल बनाने में उनकी टीम में डॉक्टर किरन सिलवाल, डॉ सुरेंद्र राव, डॉक्टर हर्षवर्धन, डॉ शिल्पी करमाकर, डॉक्टर सौरभ महेंद्र, डॉक्टर सोनिया मैथ्यूज, ने मिलकर भूमिका निभाई

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कौन है डॉक्टर बृजेश मिश्रा
डॉक्टर बृजेश मिश्रा 1998 के एमबीबीएस एमएलएम यूनिवर्सिटी झांसी बैच के हैं| लंदन यूके यूएसए टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई नेपाल और कई जगह ट्रेनिंग प्रोग्राम और प्रैक्टिस कर चुके हैं| डॉक्टर ए के सिंह और स्वर्गीय डॉ एसके भटनागर को अपना आदर्श मानने वाले डॉ मिश्रा 2 साल नेपाल में मरीजों को नया जीवन दे चुके हैं| अमेरिकन प्लास्टिक सर्जरी एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ कार्य कर चुके हैं इनकी पत्नी डॉ नलिनी मिश्रा दंत एवं मुख स्पेशलिस्ट चिकित्सक हैं| डॉ मिश्रा का कहना है कि प्लास्टिक सर्जरी शारीरिक कारणों की वजह से निराश जिंदगी में जीवन से प्यार करने का माध्यम बनती है|

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