प्रयागराज: कोरोना पर फतेह की कहानी कोरोना चैम्पियन की ज़ुबानी

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एनवी न्यूज़डेस्क/लखनऊ

प्रयागराज: एक ओर समाज में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को लेकर जहां लोगों में घबराहट और भ्रम का महौल है, वहीं हमारे बीच एक कोरोना चैंपियन हैं राघवेंद्र प्रताप सिंह। कुछ दिन पहले तक वह एक सामान्य जीवन जी रहे थे, अचानक उनके जीवन में उस बीमारी ने दस्तक दी जिससे पिछले कुछ महीनों से हर व्यक्ति बचना चाहता है। लेकिन यदि आज की बात करें तो राघवेंद्र जी कोरोना को हराकर अपनी उसी सामान्य जिंदगी में वापस आ चुके हैं। जहां लोगों में कोरोना को लेकर असमंजस की स्थिति है, लोग अपनी बीमारी को छिपा रहे हैं, वहीं राघवेंद्र जी के अनुभवों को देखें तो कोराना को हराना इतना भी मुश्किल नहीं और कोरोना से जुड़ी भय और भ्रांति को खत्म किया जा सकता है।

रैपिड रिस्पांस टीम से संपर्क किया

ग्राम धनोरा, ब्लॉक हंडिया, प्रयागराज के रहने वाले  कोरोना चैम्पियन राघवेंद्र ने बताया कि आज से 15 दिन पहले मुझे हल्का जुखाम हुआ था। इसके इलाज के लिए मैं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धनुपुर पर गया, कोरोना के डर के कारण मैंने अपना कोरोना टेस्ट भी करवाया। टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसे सुनकर पहले तो मन काफी घबरा गया और घर के सदस्य भी भयभीत हो गए  और रोने लग गए। घरवालों को इतना परेशान देख मैंने अपने आप को संभाला और अपने परिवार वालों को भी समझाया कि सब ठीक हो जायेगा। मैंने अपने परिवार के सभी सदस्यों की जांच करवाई जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई । मैंने खुद अपने ब्लॉक की रैपिड रिस्पांस टीम से संपर्क किया और उनसे होम क्वॉरेंटाइन होने की इच्छा जाहिर की।

मेरी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई

उनसे उचित सलाह मिली और मैं होम आइसोलेशन में चला गया। इसका परिणाम यह है कि आज मैं कोरोना से मुक्त हो चुका हूं। घर में रहते हुए होम  क्वॉरेंटाइन के सभी नियमों का पालन करते हुए 2 हफ्ते बीते। घर पर रहकर भी समय काटना मुश्किल था जिसके लिए किताबें और संगीत सहारा बना। हर दिन योग (मुख्यत: अनुलोम विलोम) किया जिससे बहुत फायदा हुआ। 7 अगस्त को दोबारा टेस्ट करवाने पर कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई| यह सब आसान हुआ घर वालों के सहयोग और पास पड़ोस के लोगों के आशीर्वाद से। शुरू के दिनों में हमारे पास पड़ोस में आना जाना बंद था अब धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो चुका है। इसके साथ ही गांव में कोरोना को लेकर जो भय था वह भी कम हुआ है। लोग अब यह जानते हैं कि कोरोना पॉजिटिव इंसान ठीक भी हो सकता है।

 कोरोना चैंपियन की अपील

आज मैं एक कोरोना चैंपियन बन चुका हूं। मेरे रिश्तेदार जो मेरा हलचल जानने के किये फ़ोन करते हैं मैं उनको यही कहता हूँ और सबसे यही कहूँगा कि अगर जीना चाहते हो तो इन 4 बातों को जीवन का हिस्सा बना- फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क का इस्तेमाल, हाथों को हर आधे घंटे में 40 सेकंड तक धुलना और छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा भीड़ वाली जगहों से दूर रखनाI इन चारो बातों का पालन करके कोरोना को हराने और अपने व अपने परिवार को कोरोना से बचाने में सहयोग करेंI

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