प्रयागराज: वैक्सीनेशन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी- सी.एम.ओ.

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एनवी न्यूज़डेस्क/प्रयागराज

प्रयागराज, 22 दिसम्बर, 2020- जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व ए.सी.एम.ओ. डॉ. अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में कोरोना टीकाकरण के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित हुआ। यह प्रशिक्षण जनपद के मोती लाल नेहरु मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) में मंगलवार को हुआ। इसके लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सा अधीक्षक व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों को ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षित चिकित्सा अधीक्षक व स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी आगे के स्तर पर कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे I

सी.एम.ओ. डॉ. प्रभाकर राय ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, यदि कोई लापरवाही करेगा तो कठोर कार्यवाही होगी। उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राहुल सिंह और डब्लू.एच.ओ. के डॉ. अलोक ने प्रशिक्षण में सभी को कोरोना के नए अपडेट के साथ ही आगे की रणनीति के बारे में बताया गया। वैक्सीनेशन के दौरान और बाद में क्या-क्या सावधानियां रखनी है, टीका कैसे रखना है, और टीकाकरण के लिए बनाये नियमों और कर्मचारियों की भूमिका आदि पर विस्तार से बताया गया।

डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे चिकित्सालयों को चिन्हित किया जा रहा है जिन्हें वैक्सीनेशन सेंटर के रूप में प्रयोग किया जायेगा। एक साइट पर एक दिन में 100 टीके लगेंगे। लाभार्थी की सूची अपडेट हो रही है जिसकी जानकारी स्वास्थ विभाग के पोर्टल पर होगी। जिसमे लाभार्थी का नाम उम्र टीके लगने की तारीख आदि का विवरण उपलब्ध होगा। वैक्सीनेशन टीम का गठन किया जा रहा है जो निर्धारित सेंटर पर रहेगी। इनमें सुरक्षाकर्मी, वैक्सीनेटर, वैरिफायर और सपोर्टिग स्टाफ रहेगा I

उन्होंने बताया कि कोई भी टीम मेंबर अपनी मर्जी से किसी को टीका नहीं लगा सकता। जिसका नाम पोर्टल पर होगा उसी को टीका लगेगा। सुरक्षाकर्मी लाभार्थी से टीकाकरण के लिए आया मैसेज और लिस्ट से मिलान करने के बाद ही केंद्र के अंदर जाने देगा। इससे पहले हाथों को सैनेटाईज़ करना और मास्क लगाना जरूरी होगा। वैरिफायर पुनः पहले कक्ष में नाम और पहचानपत्र की जाँच करेगा। इसके बाद ही व्यक्ति आगे जायेगा। अगले कक्ष में टीकाकरण होगा। इसके बाद तीसरे कक्ष में व्यक्ति को आधे घंटे तक निगरानी में रखा जायेगा ताकि कोई भी स्वास्थ्य समस्या हो तो तुरंत उपचार दिया जा सके। टीम के पास ए.ई.एफ.आई. किट होगी जो वैक्सीनेशन के बाद कोई भी दुष्प्रभाव होने पर प्रयोग होगी। वैक्सीनेशन के बाद लाभार्थी आधे घंटे बाद स्वस्थ महसूस करने पर ही अपने घर जा सकेगा।

वैक्सीनेशन रूम में एक बार में एक ही लाभार्थी जा पाएगा। ए.एन.एम. टीकाकरण करेंगी। बैकअप के लिए एक और ए.एन.एम साथ में रहेगी। एक व्यक्ति को 28 दिन के अंतराल पर दो डोज टीका लगेगा। प्रशिक्षण में डी.सी.पी.एम. विनोद कु. सिंह, यूनिसेफ से रीजनल कोर्डिनेटर अरविन्द शर्मा, डी.सी. नवनीत कु., डी.एम.सी. शाहिद, यू.एन.डी.पी. से विनोद शुक्ला व अन्य लोग मौजूद रहें।

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