रैपिड रेस्पांस टीम करेगी कोविड उपचाराधीनों की निगरानी

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• कोविड पॉजिटिव और उनके परिवार से भेदभाव न करें
• टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी

कौशाम्बी : कोविड संक्रमण बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने कोविड पॉजिटिव मरीज जो होम आइसोलेशन में हैं उनकी निगरानी कर जरूरी मदद पहुंचाने का निर्णय लिया है | इसके लिए शासन की तरफ से गाइड लाइन जारी कर निर्देश दिए गए हैं | इसके अलावा बढ़ते मरीजो की संख्या को देखते हुए एंटीजन एवं आर.टी.पी.सी.आर जाँच के लिए प्रयोगशालाओं की क्षमता मेंवृद्धि भी की गयी है |

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.एन चतुर्वेदी ने बताया कि जनपद में 39 रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है, जिसमें नगरीय निकाय / ग्रामीण के प्रशासनिक सदस्यों को जोड़ना रह गया है | मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में 148 कोविड पॉजिटिव मरीज हैं जिनके लिए 27 आरआरटी सक्रिय हैं | यदि पॉजिटिव मरीजो की संख्या बढ़ी तो बाकी 12 आर.आर. टी. को सक्रिय कर दिया जायेगा |

उन्होंने कहा कि जांच के बाद कोविड पॉजिटिव होने की स्थिति में आरआरटी का काम शुरू हो जाता है। आरआरटी पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर सबसे पहले संबंधित के घर का दौरा कर यह तय करती है प्रभावित को होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है या फिर उसे कोविड अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है। दरअसल अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में रहकर ठीक हो सकते हैं बशर्तें उनके घर में इतनी जगह हो। यह सब देखने के बाद ही आरआरटी सलाह देती है कि आप घर में रहें या फिर अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आरआरटी की सलाह मानें और उसके द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के सही-सही जवाब दें। जनता का यह सहयोग हमें इस बीमारी से लड़ने में मदद करेगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में 39 आरआरटी काम कर रही हैं हर 15 कोविड पॉजिटिव मरीज पर एक आरआरटी काम करेगी । पॉजिटिव का उपचार शुरू कराने के साथ ही आरआरटी आस-पास के घरों में सर्वे कर यह पता लगाने का प्रयास करती है कि किसी पड़ोसी में कोविड के लक्षण तो नहीं हैं। पड़ोसियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह आरआरटी को सही-सही जवाब दें और पॉजिटिव आए व्यक्ति और उसके परिवार के साथ कोई भेदभाव न करें। उन्होंने कहा कोविड का प्रसार रोकने के लिए मास्क का इस्तेमाल और एक-दूसरे से कम से कम दो गज की शारीरिक दूरी जरूरी है, लेकिन इसका यह मतलब कदापि नहीं होना चाहिए कि कोविड पॉजिटिव व्यक्ति या उसके परिवार के साथ हम किसी तरह का भेदभाव करने लगें। कोविड-19 से हम सबको मिलकर लड़ना और इस कोरोना को हराना है।

न्होंने कहा कि कोविड-19 से डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्कता जरूरी है। इसके लिए घर से बाहर कभी भी बिना मास्क लगाए न निकलें। ध्यान रहे कि तीन लेयर वाला मास्क हो और मुंह और नाक अच्छी तरह से ढके हों। सार्वजनिक स्थल पर दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें और बार-बार अपने हाथों को साबुन-पानी से धोते रहें। जहां यह संभव न हो वहां सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। अपनी बारी आने पर टीकाकरण अवश्य कराएं, लेकिन ध्यान रहे टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है, यानि मास्क और दो गज की दूरी टीकाकरण के बाद भी जरूरी है।

रैपिड रेस्पांस टीम के सदस्य :’

टीम का प्रथम सदस्य -एम.बी.बी.एस. अथवा आयुष चिकित्सक अथवा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अथवा फार्मासिस्ट अथवा क्षय रोग उन्मूलन के अंतर्गत कार्यरत एसटीएस या एसटीएलएस होंगे |
टीम के द्वितीय सदस्य स्वास्थ्य विभाग का पैरामेडिकल कर्मचारी (लैब टेक्नीशियन -एलके) ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोविड रोग की एंटीजन जाँच कर पायें अथवा आर.टी.पी.सी.आर जाँच के लिए सैम्पल ले सकें | इसके लिए उन्हें जनपद स्तरीय प्रशिक्षण भी दिया जायेंगा |

टीम का तीसरा सदस्य स्थानीय प्रशासन का होगा |
आरआरटी के कार्य

• कोविड जाँच के रिजल्ट के 24 घंटे के अन्दर मरीज का गृह भ्रमण करना |
• टीम द्वारा कोविड मरीजो का वर्गीकरण, लक्षणहीन तथा लक्षणविहीन के आधार पर करेगा |
• कोविड के नए लक्षणों वाले संभावित मरीजो की जाँच तुरंत कराएगी |

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