समय रहते हो गैर-संचारी रोगों की पहचाना: डॉ.वीके मिश्रा

0
14

प्रयागराज : जनपद के मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (काल्विन) के सभागार में विश्व हृदय दिवस के मौके पर गोष्ठी एवं हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन अपर मुख्य चिकित्साधिकारी नोडल एनसीडी सेल डॉ.वीके मिश्रा ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से स्वस्थ एवं जागरूक जीवन शैली अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना रहा। आधुनिक जीवनशैली में लोग हृदयघात व अन्य बीमारियों से अपनी सुरक्षा कर सकें। तंबाकू हमारे जीवन को अप्रत्यक्ष रूप से गैर संचारी रोगों की गिरफ्त में करता हैं जोकि कई कारणों में से एक है। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस की थीम ‘यूज़ हार्ट टू कनैक्ट‘ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी नोडल एनसीडी सेल डॉ.वीके मिश्रा ने बताया कि गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से होने वाली आपातकालीन मृत्यु की संख्या में एक बड़ा हिस्सा हृदय संबंधी रोगों का है। भारत सरकार ने इसे 2025 तक 30 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जनपद में विश्व स्वास्थ संगठन एवं आईसीएमआर कि सहायता से ‘भारत उच्च रक्तचाप नियंत्रण पहल’ (इंडिया हाइपरटेनसिव कंट्रोल इनिशिएटीव) के तौर पर हृदय संबंधी रोग के लक्षण व बचाव के उपायों के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए विभाग कार्य कर रहा है। एनसीडी सेल के चिकित्सक व परामर्शदाता भी नियुक्त किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम और प्रबंधन में सुधार के लिए विभाग विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करता रहता है। इसी के साथ चिकित्सालयों में 30 वर्ष से अधिक के सभी लोगों का आवश्यक रूप से रक्तचाप नापना एवं उन्हें एक महीने कि निःशुल्क दवा दिए जाने की व्यवस्था की गयी है। ताकि समय रहते गैर-संचारी रोगों की पहचाना कर मरीज का उचित इलाज हो सके।

हस्ताक्षर अभियान में जागरूकता फ़्लेक्स का उद्घाटन डॉ.वीके मिश्रा ने किया इसके बाद सभागार में मौजूद मरीज के परिजनों ने यह शपथ ली कि वह अपने दिल का ख्याल रखेंगे व तंबाकू का प्रयोग कभी नहीं करेंगे साथ ही अपने स्वास्थ की समय-समय पर जांच कराते रहेंगे। उन्होने बताया कि तंबाकू के सेवन से हृदय और रक्त वाहिका रोग, दिल का दौरा, सीने में दर्द, अचानक कार्डिएक डेथ और ब्रेन अटैक का खतरा होता है। इससे बचने के लिए धूम्रपान व बाहर का फास्ट-फूड ना खाएं। हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और असामान्य कोलेस्ट्रॉल के मरीज नियमित दवाइयां लें। कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करें। फेस मास्क पहने व सामाजिक दूरी बनाएं रखें।
डॉ॰ राजेश श्रीवास्तव (हृदय रोग विशेषज्ञ), ने बताया कि जिन्हें थकान, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दर्द व सांस फूलने जैसी समस्या है। ये सभी लक्षण दिल की बीमारी से जुड़े हैं। तनावपूर्ण जीवन शैली और अनियमित खान-पान को ह्रदय रोग के महत्वपूर्ण कारणों में से एक है। बढ़ते तनाव पर काबू के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लिया जाए। हृदय से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरंदाज ना करें। और तुरंत डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें |

कार्यक्रम में काल्विन इंचार्ज राजेश, डॉ॰ राजेश श्रीवास्तव (हृदय रोग विशेषज्ञ), डॉ॰ संजीव यादव (नोडल एनसीडी सेल)काल्विन, डॉ॰ ओम सिंह (परामर्शदाता एनसीडी सेल) एवं मनोचिकित्सक डॉ॰ आरके पासवान, नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ॰ ईशान्य राज, डॉ॰ संकल्प शुक्ला, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ से सुमन लता त्रिपाठी व परामर्शदाता तंबाकू नियंत्रण प्रमोद सिंह एवं एनसीडी के स्टाफ एवं चिकित्सालय के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here