किस्मत से भागेंगे चारबाग के बंदर

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लखनऊ| लखनऊ रेलवे स्टेशन चारबाग पर बंदरों ने अपना डेरा जमा रखा है जिन से आए दिन यात्री परेशान होने की शिकायतें करते रहते हैं अब इन बंदरों को भगाने के लिए किस्मत के सहारे छोड़ दिया गया है अगर किस्मत ने काम किया तो चारबाग रेलवे स्टेशन पर बंदर यात्रियों को परेशान नहीं कर पाएंगे

लखनऊ जनपद का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन चारबाग है यहां प्राचीन काल के कई गुंबद और मीनारें बने हुए हैं देखने में यह बहुत खूबसूरत लगते हैं और इनमें बंदरों ने ठिकाना भी बना रखा है कई बंदरों के झुंड चारबाग रेलवे स्टेशन की छत और सेड पर देखे जा सकते हैं
आए दिन शिकायतें आती हैं कि बंदरों ने यात्रियों का सामान या खाने-पीने की वस्तुएं छीन ली
इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर रेल प्रशासन ने इन बंदरों को भगाने के लिए किस्मत का सहारा लिया है

किस्मत मंकी हैंडलर है कुछ साल पहले भी इनको आपने चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक लंगूर के साथ देखा होगा तब यह लंगूर के माध्यम से बंदरों को भगाते थे क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि जहां लंगूर होता है वहां बंदर नहीं आते हैं जब लंगूर की आवाज बंदरों के कानों में पड़ती थी तो वह दूर भाग जाते थे

परंतु किस्मत के द्वारा इस तरह बंदरों को लंगूर के माध्यम से भगाने पर कई वन्यजीव प्रेमियों को एतराज था जिसके बाद किस्मत का ठेका खत्म हो गया था

अब किस्मत ने नया तरीका निकाला है वह अपने मुंह से बिल्कुल लंगूर जैसी आवाज निकालते हैं उनके साथ एक साथी भी है यह दोनों मिलकर चारबाग रेलवे स्टेशन से लेकर प्लेटफॉर्म के आसपास और हर उस एरिया में जाते हैं जहां बंदर नजर आते हैं

इनके मुंह से आवाज निकालते ही ऐसा लगता है जैसे सच में लंगूर की आवाज निकल रही है इंसान तो क्या बंदर भी धोखा खा जाते हैं और बंदरों का पूरा का पूरा झुंड भागकर कहीं और चला जाता है

यहां पर गौर करने वाली बात यह भी है कि वन्य जीव हमारे बीच क्यों आ जाते हैं इसके जिम्मेदार भी हम ही हैं हमने अपने आशियाने के लिए जंगलों को उजाड़ दिया है खाने की तलाश में वन्य जीव आबादी की तरफ आते हैं और अपना आशियाना बना लेते हैं जिससे मनुष्य को दिक्कत होने लगती है हमें सोचना चाहिए कि हम किसी का घर जंगल ना बर्बाद करें तो जंगली जीव हमारे बीच में भी नहीं आएंगे

फिलहाल लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन को किस्मत से बंदर भगाने में कब तक और कितनी राहत मिलेगी यह तो किस्मत पर ही निर्भर है लेकिन रेलवे प्रशासन का यह तरीका लोगों में चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है

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