ग्राम प्रधानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण, 31 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण

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प्रयागराज : देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिए अब ग्राम प्रधान भी सहयोग करेंगे। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 15 सितम्बर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगा जिसमे जनपद के सभी ग्रामप्रधानों को प्रशिक्षण दिया जायेगा|

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्देश प्राप्त हुआ हैं जिसके बाद से जनपद के सभी विकास खण्डों (ब्लाक) पर ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्राम प्रधानों को टीबी रोग के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान भी अब इस अभियान में साथ होंगे उन्हें प्रशिक्षित करने के साथ ही 2025 तक ग्राम को टी.बी मुक्त ग्राम बनाने के लक्ष्य को साकार करेंगे |

पीपीएम समन्वयक धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि टीबी की रोकथाम के लिए अब ग्राम प्रधान भी सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसके बाद वह अपने क्षेत्र में लोगों को टीबी के प्रति जागरुक करेंगे। वह पंचायत, सामुदायिक बैठकों में टीबी के बारे में संदेश देंगे। टीबी के लक्षणों के बारे में जनता को बताएंगे। साथ ही टीबी रोगियों से भेदभाव न करे उनका सहयोग करें । ग्राम प्रधान आम जनमानस को समझा सकते हैं कि टीबी रोगी के प्रति संवेदनशील बनें और टीबी रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में योगदान दें ।

टीबी के प्रमुख लक्षण :
टीबी के छह प्रमुख लक्षण होते हैं। इनमें दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन का घटना। बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्का बुखार होना। रात में पसीना आना । भूख कम लगने जैसी समस्या है तो अवश्य ही अपनी जांच करा लें। जांच के उपरान्त समय पर इलाज हो जाने से टीबी ठीक हो जाती है।

क्षय रोग विभाग द्वारा दी जा रहीं सुविधाएं
1. निःशुल्क जांच और उपचार
2. अत्याधुनिक जांचों द्वारा एमडीआर टी बी का पता लगाना
3. उपचार के दौरान मरीज को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हर माह 500 रूपये का भुगतान
4.मरीजों की सूचना देने वाले को 500 रूपये दिए जाते हैं |

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